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“महारानी विक्टोरिया की… जय” २८ दिसंबर १८८५ को मुंबई के गोकुलदास तेजपाल संस्कृत महाविद्यालय का परिसर ब्रिटिश महारानी की जय के नारों से गूंज उठा। इसी नारे के साथ ब्रिटिश भारत में एक नई संस्था का जन्म हुआ, जिसका नाम था – इंडियन नेशनल कांग्रेस (भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस)। ये नारा […]

पी.वी. नरसिंहराव मेरे पसंदीदा राजनेताओं में से एक हैं। वे बहुत विद्वान व्यक्ति थे, कई भाषाओं के जानकार भी थे और अच्छे लेखक व अनुवादक भी। उन्होंने कई भाषाओं में पुस्तकों के अनुवाद किए और कई पुस्तकें स्वयं भी लिखीं। उन्हीं में से एक थी, ‘द इनसाइडर’। हालांकि, नरसिंहराव ने […]