(पहला भाग यहाँ पढ़ें) पिछले भाग में मैंने आपको बताया था कि अंग्रेज़ अधिकारी ह्यूम को इस बारे में जानकारी मिली कि अंग्रेज़ों की क्रूरतापूर्ण नीतियों के कारण पूरे भारत में अंसतोष बढ़ रहा है और लोग फिर से १८५७ जैसी क्रांति करने की तैयारी में हैं। ह्यूम ने इस […]

पिछले कुछ दिनों से मैं यह पुस्तक पढ़ रहा था, जो कि आज पूरी हुई। पुस्तक मुख्यतः अमरीकी राजनीति पर केंद्रित है और अमरीकी वामपंथ के विरुद्ध है। यह ध्यान रखें कि अमरीका में वामपंथ का स्वरूप भारत से बिल्कुल अलग है। लेखक का तर्क है कि अमरीका का पूरा […]

आजकल काँग्रेस के लोगों को आडवाणी जी की चिंता सता रही है। वैसे इसकी शुरुआत तभी से हो गई थी, जब २०१४ में मोदीजी प्रधानमंत्री बने। पहले काँग्रेस को यह चिंता हुई कि मोदी ने आडवाणी जी को प्रधानमंत्री नहीं बनने दिया, उसके बाद यह चिंता हुई कि राष्ट्रपति भी […]