पिछले कुछ दिनों से मैं यह पुस्तक पढ़ रहा था, जो कि आज पूरी हुई। पुस्तक मुख्यतः अमरीकी राजनीति पर केंद्रित है और अमरीकी वामपंथ के विरुद्ध है। यह ध्यान रखें कि अमरीका में वामपंथ का स्वरूप भारत से बिल्कुल अलग है। लेखक का तर्क है कि अमरीका का पूरा […]

हाल ही में मैंने ज़ी मीडिया ग्रुप और कई अन्य उद्योग समूहों के संस्थापक डॉ. सुभाष चंद्रा की आत्मकथा ‘ज़ी फैक्टर’ पढ़ी। इस पोस्ट के माध्यम से उस पुस्तक की जानकारी आपके लिए प्रस्तुत कर रहा हूं। बहुत छोटी उम्र से परिवार और व्यापार की ज़िम्मेदारी संभालने वाले चंद्रा जी […]

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मैं अगर कहूं कि भारत के प्रथम प्रधानमंत्री नेहरूजी थे, तो आप अवश्य ही मुझसे सहमत होंगे। मैं अगर कहूं कि वे कांग्रेस के नेता थे, तो भी आप मुझसे अवश्य ही सहमत होंगे। लेकिन अगर मैं कहूं कि नेहरूजी वामपंथी थे, तो आप सहमत होंगे? अगर मैं कहूं कि […]

कल सिंगापुर से अमरीका की फ्लाइट में मैंने एक नई पुस्तक ‘अम्मा’ भी पढ़ी। पत्रकार वासंती द्वारा लिखित यह पुस्तक तमिलनाडु की पूर्व-मुख्यमंत्री जे. जयललिता के बारे में है। यह तो सभी को मालूम है कि पिछले कुछ वर्षों से तमिलनाडु की राजनीति में करुणानिधि और जयललिता का ही वर्चस्व […]