काँग्रेस का घोषणापत्र (२०१९)

काँग्रेस का घोषणापत्र मैंने आज देखा। मेरी समझ में जो आया, उनमें से कुछ मुख्य बातें आपकी जानकारी के लिए यहाँ दे रहा हूँ –

१. अर्द्ध-कुशल युवाओं को कोई हुनर सिखाने की बजाय काँग्रेस उनसे तालाब खुदवाएगी और बंजर जमीनों पर मजदूरी करवाएगी। इस तरह लाखों रोजगार दिए जाएँगे। तालाब खोदने और मज़दूरी करने को रोजगार माना जाए या नहीं, ये आपको तय करना चाहिए।

२. सरकारी विभागों के बीस लाख पद जब तक नहीं भर जाते, तब तक राज्यों के विकास कार्यों का फंड रोककर रखेगी। विकास कार्यों के रुक जाने से देश के करोड़ों लोगों जो तकलीफ उठानी पड़ेगी, उसकी कोई चिंता काँग्रेस को है या नहीं, ये सोचने वाली बात है।

३. जिस भी उद्योग, कंपनी या फैक्ट्री में १०० से ज्यादा कर्मचारी हैं, उसे काँग्रेस इस बात के लिए मजबूर करेगी कि वहाँ जबरन युवाओं को इंटर्नशिप और प्रशिक्षण के लिए रखा जाए, उन्हें स्कॉलरशिप भी दी जाए और बाद में उन्हें नौकरी भी दी जाए।

४. मोदी को दिन-रात अंबानी-अडानी और उद्योगपतियों का एजेंट बताने वाली काँग्रेस ऐसे कानून बनाएगी, जिससे उद्योगपतियों को फायदा पहुँचे और अभी उन पर नियंत्रण रखने के लिए जो भी नियम बने हुए हैं, उन्हें हटाकर उद्योगपतियों को मनमानी करने की छूट देगी। अंबानी-अडानी जैसों की मदद करने के लिए कई अप्रत्यक्ष कर और कॉरपोरेट कर हटाए जाएंगे।

५. मेक इन इंडिया का मज़ाक उड़ाने वाली काँग्रेस इसका नाम बदलकर मेक फ़ॉर द वर्ल्ड कर देगी। इससे देश का क्या भला होगा, इस बारे में घोषणापत्र में कुछ नहीं लिखा है।

६. राष्ट्रीय राजमार्गों में सुधार के नाम पर पीपीपी मॉडल को बढ़ावा देकर काँग्रेस टोल के माध्यम से होने वाली लूट को और प्रोत्साहित करेगी। रेलवे के क्षेत्र में निजीकरण को बढ़ावा देगी, जिसका काँग्रेस हमेशा विरोध करती थी।

७. यूपीए के जमाने में टू-जी स्पेक्ट्रम और कोयला घोटाले करने वाली काँग्रेस फिर एक बार नीतियों में बदलाव करके इन मामलों में दखल देगी।

८. शहरों में काँग्रेस अवैध अतिक्रमण और गैर-कानूनी झुग्गियों को प्रोत्साहित करेगी और उन्हें पूरा संरक्षण व सुविधाएं देगी।

९. रक्षा के क्षेत्र में भारत को स्वावलंबी बनाने में जिस विदेशी निवेश से मदद मिल सकती है, काँग्रेस उसे रोकेगी ताकि भारत को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए आवश्यक सारी ज़रूरी चीज़ों के लिए हमेशा अन्य देशों की मेहरबानी पर ही रहना पड़े।

१०. जीएसटी की परेशान से लोग अब बाहर आ चुके हैं, इसलिए काँग्रेस जीएसटी का नया संस्करण लाकर लोगों को फिर से परेशान करेगी। टैक्स चोरी करने वालों को आपराधिक मामलों से बचाकर उन्हें संरक्षण देगी।

११. आतंकवादियों और नक्सलवादियों को सख्ती से कुचलने की बजाय काँग्रेस उन्हें खुश करने और उनका दिल जीतने की कोशिशें करेगी।

१२. पाकिस्तान के खिलाफ भारतीय सेना के हर ऑपरेशन पर सवाल उठाने और सबूत मांगने वाली काँग्रेस दुनिया से गुहार लगाएगी कि दूसरे देश पाकिस्तान पर आतंकवाद बन्द करने का दबाव डालें। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत को स्थायी सदस्यता मिल रही थी, जिसे नेहरूजी ने ठुकराकर चीन को दिलवाया था। अब काँग्रेस उसी सुरक्षा परिषद में भारत को जगह दिलवाने के लिए गुहार लगाएगी।

१३. यूपीए के जमाने में सोनिया जी की अध्यक्षता में एक अलोकतांत्रिक और असंवैधानिक राष्ट्रीय सलाहकार परिषद बनाई गई थी कि सुपर केबिनेट बनकर भारत की सरकार और प्रधानमंत्री को निर्देश दिया करती थी। दोबारा सरकार में आने पर काँग्रेस उसी तरह की एक राष्ट्रीय एकता परिषद बनाएगी और देश-विरोधी गतिविधियों का समर्थन करने वाले एनजीओ को उसमें शामिल करेगी।

१४. जिस राफेल सौदे की कई बार जांच हो चुकी है और जिसके लिए सुप्रीम कोर्ट भी मोदी सरकार को क्लीन चिट दे चुका है, काँग्रेस जबरन उसकी फिर से जाँच करवाएगी, ताकि वायुसेना को ज़रूरी लड़ाकू विमान मिलने में और देर होती जाए।

१५. आधार का लगातार विरोध करने वाली काँग्रेस अब हर तरह की सब्सिडी और सरकारी सुविधाओं के लिए आधार को अनिवार्य बनाएगी।

१६. काँग्रेस ने विशेष रूप से देशद्रोह का कानून हटाने का वादा किया है, ताकि आतंकवादियों का समर्थन करने, भारतीय सेना के विरोध में खड़े रहने और देश के टुकड़े करने की माँग करने का अधिकार हर नागरिक को मिल सके।

१७. कश्मीर जैसे खतरनाक इलाकों में सेना के लिए ज़रूरी एफपीएसए कानून को काँग्रेस कमज़ोर करेगी, ताकि सेना के जवानों को और ज्यादा दबाव में काम करना पड़े।

१८. कुछ केंद्रशासित प्रदेशों में काँग्रेस राज्यपाल के भी ऊपर एक नई असंवैधानिक परिषद का गठन करेगी।

१९. नए कानून बनाकर काँग्रेस मीडिया की स्वतंत्रता को कम करेगी, ताकि काँग्रेस का विरोध करने वाले किसी भी चैनल या पत्रकार के खिलाफ कार्यवाही की जा सके।

२०. कश्मीर के मामले में काँग्रेस भारत विरोधियों और अलगाववादियों को विशेष महत्व देते हुए उनसे चर्चा करेगी और उनकी इच्छा के अनुसार काश्मीर मामले को हल करेगी।

२१. असम में घुसपैठियों को संरक्षण देने और उनको नागरिकता प्रदान करके अपना वोट बैंक मजबूत करने के लिए काँग्रेस सक्रियता से काम करेगी।

२२. भाषाओं के मामले में काँग्रेस पूरी तरह कन्फ्यूज़ है। घोषणापत्र में एक जगह लिखा है कि मातृभाषा में शिक्षा को बढ़ावा देंगे और दूसरे पन्ने पर लिखा है कि छटवीं से बारहवीं तक अंग्रेज़ी माध्यम की शिक्षा सभी पर थोपेंगे।

२३. यूपीए के समय के कुख्यात सांप्रदायिक और लक्षित हिंसा विधेयक को काँग्रेस फिर से लागू करेगी।

घोषणापत्र में और भी कई मुद्दे हैं, लेकिन मेरे ख्याल से इतने मुद्दे भी यह तय करने के लिए काफी हैं कि इस चुनाव में आपको काँग्रेस का समर्थन करना चाहिए या नहीं।

मतदान केवल आपका अधिकार नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक ज़िम्मेदारी है। आपको जो पार्टी सही लगे, उसी को वोट दें, लेकिन कृपया सोच-समझकर वोट दें, किसी के बहकावे में या अफवाहों के आधार पर नहीं।

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